Aditya L1 : चाँद के बाद अब सूरज की तरफ पंहुचा इसरो

Aditya L1 उपग्रह मिशन | इसरो की आदित्य-एल 1 सौर मिशन

Aditya L1 : चाँद के बाद अब सूरज की तरफ पंहुचा इसरो

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा किए गए चंद्रयान 3 परीक्षण के सफलतापूर्वक सफल होने के बाद, अब इसरो की अगली नजर सूरज पर है। इसरो का आगामी मिशन “Aditya L1” सूरज से जुड़े रहस्यों की खोज में मदद करेगा। इस मिशन के द्वारा इसरो एक उपग्रह के साथ सूरज के पास आने वाले सालों पर अध्ययन करने की योजना बना रहा है। यह पहली बार है कि भारत ने सूरज के अध्ययन के लिए ऐसा मिशन शुरू किया है। इससे पहले सूरज के पास केवल अमेरिका, यूरोप, और जापान के देशों ने ही उपग्रह भेजे हैं। यदि भारत का यह मिशन सफल होता है, तो उसका नाम भी इन देशों के साथ जुड़ जाएगा।

Aditya L1 उपग्रह मिशन के मुख्य विवरण:

**1. उपग्रह का नाम:** पहले इस मिशन का नाम “आदित्य-1” था, लेकिन बाद में इसे “आदित्य-एल 1” में बदल दिया गया।

**2. उपग्रह की स्थानीयकरण:** इसरो द्वारा इस उपग्रह को लग्रांज बिंदु के निकटम प्रभामंडल कक्षा (हेलो ऑर्बिट) पर स्थापित करने का निर्णय लिया गया है।

**3. लग्रांज बिंदु:** लग्रांज बिंदु वह स्थान होता है जहां सूर्य और पृथ्वी या चांद और पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल का प्रभाव समान होता है। इस मिशन में L1 बिंदु पर उपग्रह स्थापित किया जाएगा।

**4. प्रभामंडल कक्षा:** उपग्रह को प्रभामंडल कक्षा (हेलो ऑर्बिट) पर स्थापित किया जाएगा, जिसका नाम “आदित्य सोलर विंड एक्सपेरिमेंट” है। यह कक्षा पृथ्वी से लगभग 1.5 मिलियन किलोमीटर की दूरी पर स्थित होती है।

Aditya L1 : चाँद के बाद अब सूरज की तरफ पंहुचा इसरो

**5. उपकरण:** इस मिशन के तहत कई उपकरण उपग्रह के साथ पे-लोड के रूप में भेजे जाएंगे, जिनमें विजिबल एमिशन लाइन कॅरोनोग्राफ (वीईएलसी), सोलर अल्ट्रवॉयलेट इमेजिंग टेलिस्कोप, प्लाजमा एनालाइजर पैकेज, सोलर एनर्जी एक्स-रे स्पेक्ट्रोमीटर, हाई एनर्जी एक्स-रे स्पेक्ट्रोमीटर, और मैग्नेटोमीटर शामिल हैं।

**6. लांच डेट :** इस मिशन की अनुमानित लांच 2 September 2023 में की जाएगी।

**7. वित्तीय वर्ष 2016-17 के बजट:** इस मिशन को पूरा करने के लिए भारत सरकार ने 378.53 करोड़ रुपये दिए  है। इस मिशन के जरिए, इसरो सूर्य की जानकारी हासिल करने के लिए प्रयास करेगा, जहां पहुंचने में 109 दिन लग सकते हैं |

**निष्कर्ष:** आदित्य-एल 1 मिशन के माध्यम से इसरो सूरज के रहस्यमयी वायुमंडल की खोज करने का प्रयास करेगा। इसके साथ ही यह मिशन भारत को ग्लोबल स्तर पर भी महत्वपूर्ण जगह दिलाने में सहायक हो सकता है।

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