World smallest camera:साइज़ है नमक के दाने जितना,तस्वीरें बिल्कुल चकाचक!

World smallest camera: साइज़ है नमक के दाने जितना, पर तस्वीरें खींचता है बिल्कुल चकाचक!

World smallest camera:साइज़ है नमक के दाने जितना,तस्वीरें बिल्कुल चकाचक!

World smallest camera:विज्ञान की कई चीज़ें हमें असलियत के बजाय चमत्कार जैसी लगती हैं. हालांकि इसके लिए वैज्ञानिकों की बेतहाशा मेहनत और तेज़ दिमाग काम करता है, तब जाकर ऐसी चीज़ें हमें मिल पाती हैं. कुछ ऐसी ही एक डिवाइस अमेरिका के वैज्ञानिकों ने तैयार (Scientists Developed Smallest Camera) की है. ये डिवाइस है – एक माइक्रोस्कोपिक कैमरा, जो इतना छोटा है कि हाथ पर रखने के बाद भी आसानी से नहीं दिखेगा.

1. World smallest camera:कैमरे का आकार

अगर साधारण भाषा में कहें तो ये सिर्फ नमक के एक दाने के साइज़ (Salt Grain Sized Camera) का है.

2. तस्वीरों की महत्वपूर्ण भूमिका

हालांकि ये अपने आकार से कई हज़ार गुना ज्यादा बड़ी तस्वीरें खींच सकता है.

3. कैमरे की निर्माण

World smallest camera
World smallest camera

कैमरे का साइज़ सिर्फ आधा मिलीमीटर (Half a MM sized camera) का है और ये कांच से बना हुआ है.

4. उपयोग क्षेत्र

आप सोच रहे होंगे कि भला इतने छोटे कैमरे से काम क्या होगा? तो चलिए बताते हैं आपको इसके बारे में पूरी डिटेल्स.

5. मेडिकल में उपयोग

साइज़ पर मत जाइए, कमाल है ये कैमरा. Princeton University और University of Washington के रिसर्चर्स ने मिलकर इसे बनाया है और दावा है कि ये 5 लाख गुना बड़ी तस्वीरें कैप्चर कर सकता है.

6. मेडिकल उपयोग

इस कैमरे से सबसे ज्यादा फायदा मेडिकल के क्षेत्र में होने वाला है क्योंकि छोटे से कैमरे से शरीर के अंदर की चीज़ें देखने में डॉक्टर्स को काफी आसानी होगी.

7. सुपर स्मॉल रोबोट्स

इसके आस-पास की चीज़ों को सुपर स्मॉल रोबोट्स सेंस भी कर सकेंगे और डॉक्टरों को स्टडी में मदद मिल सकेगी.

8. तकनीकी डिटेल्स

इसे वैज्ञानिक इथान सेंग (Ethan Tseng) ने तैयार किया है, जिनका कहना है कि इसमें 1.6 मिलियन सिलिंड्रिकल पोस्ट हैं.

9. उच्च गुणवत्ता

कैमरा भले ही छोटा है, लेकिन तस्वीरें वाइड एंगल खिंच सकती हैं और क्वॉलिटी भी बहुत अच्छी होगी.

10. नेचुरल लाइट मोड

अब तक के माइक्रो कैमरों में तस्वीरों के किनारे धुंधले हो जाते थे और रंगों में भी दिक्कत होती थी लेकिन इस छोटे से कैमरे में ये समस्या नहीं होगी.

11. एक्सटेंडेड फोकस रेंज

ये नेचुरल लाइट में बेहतरीन काम करेगा और लेज़र लाइट में भी ज्यादा से ज्यादा गुणवत्ता वाली तस्वीरें दे सकेगा. इसे 120 डिग्री फील्ड व्यू मिलेगा और एक्सटेंडेड फोकस रेंज 3 मिलीमीटर से 30 मिलीमीटर तक होगी.

12. वीडियो रिकॉर्डिंग

इससे 30 फ्रेम/ सेकंड रिकॉर्ड हो सकेंगे.

इस तकनीकी चमत्कार से चुनौतीपूर्ण काम किया गया है और इसने विज्ञान के क्षेत्र में नए दरवाजे खोले हैं. यह कैमरा हमें छोटी चीज़ों को और अच्छे तरीके से देखने का मौका देता है, जिससे मेडिकल डायग्नोस्टिक्स से लेकर विज्ञानिक रिसर्च तक कई क्षेत्रों में उपयोगी हो सकता है.

निष्कर्षण

इस तस्वीरी कैमरे का आविष्कार वैज्ञानिकों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है. इसके द्वारा छोटी वस्तुओं को और अच्छे तरीके से देखा जा सकता है, जो विज्ञान और मेडिकल डोमेन में क्रांति ला सकता है.

5 अद्वितीय FAQs

1. इस कैमरे का मुख्य उपयोग क्या है?

इस कैमरे का मुख्य उपयोग मेडिकल जगत में होता है, जहाँ छोटे से कैमरे से शरीर के अंदर की चीज़ें देखने में डॉक्टरों को मदद मिलती है.

2. कैमरे का साइज़ कितना है?

इस कैमरे का साइज़ सिर्फ आधा मिलीमीटर है, जैसे कि नमक के दाने का.

3. कैमरा कैसे काम करता है?

यह कैमरा छोटी वस्तुओं को बड़ी तस्वीरों में कैप्चर करने के लिए डिज़ाइन किया गया है और इसमें बहुत छोटी सिलिंड्रिकल पोस्ट होते हैं.

4. कैमरे की क्वॉलिटी कैसी होती है?

इस कैमरे की क्वॉलिटी बहुत अच्छी होती है और यह वाइड एंगल तस्वीरें खींच सकता है.

5. इस कैमरे का बजट क्या है?

इसका बजट विशेषज्ञों द्वारा तैयार किया जाता है और इसका मुख्य उपयोग मेडिकल जगत में होता है, इसलिए इसका आम बजट नहीं होता।

इस सबसे छोटे कैमरे का साइज़ नमक के दाने जितना है, लेकिन इसका उपयोग वैज्ञानिक और मेडिकल दुनिया में बड़े से बड़े कामों में हो सकता है।

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